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चंद पुलिस कर्मियों के कंधो पर रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा ज़िम्मेदार ?…विस्तार से खबर के लिये देखे VIDEO

चंद पुलिस कर्मियों के कंधो पर रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा ज़िम्मेदार ?…विस्तार से खबर के लिये देखे VIDEO
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जी हाँ,सफलता की सीढ़ियाँ कोई भी चढ़ सकता हैं ।होना चाहिए दूर दृष्टि और जज़्बा।आगे बढ़ने में बहुत लोग सक्षम होते हैं,यह नहीं कि कोई अंबानी या सिर्फ़ “कोई खास व्यक्ति ही कर सकता हैं” यह कहना हैं जी वी परिवार के प्रबंध निर्देशक और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादो के अग्रणी व्यवसायी विम्मल सेठी का।

काठगोदाम , हल्द्वानी , लालकुँवा ,किच्छा , टनकपुर , गूलरभोज , बाजपुर ,काशीपुर स्टेशनों पर जीआरपी थानों चौकियों में सुरक्षा कर्मियों का भारी टोटा
निवर्तमान समय में लालकुँवा रेलवे स्टेशन पर 35 पुलिस कर्मियों की तैनाती थी , वही आज की तारीख में केवल 7 पुलिस कर्मी ?
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के सुरक्षा व्यवस्था मात्र ( 2 पुलिस कर्मियों ) के सहारे ?
रेलवे प्लेटफार्म के निकासी द्वार पर टिकिट चैकर ( TT ) महोदय नदारत दिखाई दिये ?
सरकार भारी भरकम वेतमान घर बैठने की देती है या निकासी द्वार पर ड्यूटी ?

संवाददाता अतुल अग्रवाल ” हालात-ए-शहर ” हल्द्वानी | देश में वर्तमान सरकार रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है इसका खुलासा हुआ कुमाँऊ के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के रेलवे स्टेशन की आज के हालात देख कर | सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक – काठगोदाम , हल्द्वानी , लालकुँवा ,किच्छा , टनकपुर , गूलरभोज , बाजपुर ,काशीपुर स्टेशनों पर जीआरपी थानों चौकियों में भारी सुरक्षा कर्मियों ( जवानो ) का भारी टोटा

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सूत्रों के मुताबिक निवर्तमान समय में लालकुँवा रेलवे स्टेशन पर 35 पुलिस कर्मियों की तैनाती थी , वही आज की तारीख में केवल 7 पुलिस कर्मी है मौजूद जिसके चलते कभी भी हो सकती है सुरक्षा में चूक आखिर ज़िम्मेदार ?

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यदि बात की जाए सरकार की गलत नीतियों के चलते प्रदेश में जवनो ( पुलिस ) कर्मियों की नहीं हुई काफी लम्बे समय से भारतीय जिसका खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है – एक ओर प्रदेश एवं रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर केंद्र एवम प्रदेश की सरकार के द्वारा बड़ी बड़ी घोषणाये की जाती है , वही धरातल पर केवल खोखले वादे दावे नज़र आते है

यदि बात की जाए तो आये दिन रेलवे स्टेशनों पर हमलो की धमकिया मिलती रहती है इसके बाबजूद कितनी गंभीर है सरकारे यह भी एक गंभीर बड़ा सवाल खड़ा होता है , सरकार की गलत नीतियों पर यदि बात की जाये त्यौहारो में मद्देनज़र रविवार 16 \ 10 \ 2022 को काठगोदाम रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को लेकर एक भारी पुलिस फ़ोर्स बम निरोधक दस्ते के साथ सघन चैकिंग अभियान चलाया गया

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वही आज सवेरे हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से चलकर काठगोदाम आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन के आगमन पर मात्र ( 2 पुलिस कर्मियों ) के सहारे सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली , क्या ऐसे ट्रेनों में सफर करने वाली आम जनता को सुरक्षा मिल सकेगी , वही ये भी देखा गया रेलवे प्लेटफार्म के निकासी द्वार पर टिकिट चैकर ( TT )

महोदय नदारत दिखाई दिये , सरकार भारी भरकम वेतमान घर बैठने की देती है या ट्रेन आने पर निकासी द्वार पर ड्यूटी करने की ऐसे में यदि कोई संग्धिक्त व्यक्ति एवं बिना टिकिट सफर कर रेलवे को लगा रह भारी चुना ज़िम्मेदार ?

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